What is Rent Agreement in Hindi - रेंट एग्रीमेंट क्या होता है और कैसे बनाया जाता है?

Rent Agreement in Hindi - जब किसी प्रॉपर्टी को किराए पर देने से पहले किराएदार और मकान मालिक एक लिखित समझौते को तैयार करते है वो रेंट एग्रीमेंट कहलाता है

What is Rent Agreement in Hindi - रेंट एग्रीमेंट क्या होता है और कैसे बनाया जाता है?

आज के समय में किराया आमदनी का एक अच्छा साधन है आज जहां आप अपनी खाली पड़ी कोई भी प्रॉपर्टी या मकान किराए के लिए देकर अपनी आमदनी बढ़ा सकते है तो दूसरी तरफ किराए के मकान उन लोगों के लिए वरदान है जो पैसे ना होने के कारण अपना घर नहीं बना पाते हैं लेकिन किराए की प्रॉपर्टी लेते देते समय कुछ महत्वपूर्ण बातें होती हैं जो हम लिखित में एग्रीमेंट के द्वारा करते हैं

किरायानामा या रेंट एग्रीमेंट क्या होता है:- जब किसी प्रॉपर्टी को किराए पर देने से पहले किराएदार और मकान मालिक एक लिखित समझौते को तैयार करते है वो रेंट एग्रीमेंट कहलाता है| रेंट एग्रीमेंट में मकान किराया पर लेने व देने संबंधी लिखित शर्ते होती है जिस पर मकान मालिक और किराएदार दोनों की सहमति से हस्ताक्षर होते हैं जो भविष्य में अच्छे तालमेल के लिए काफी लाभदायक सिद्ध होते है अगर किसी भी प्रकार का बदलाव मकान मालिक या किराएदार की तरफ से हो तो इसको भी इसके अनुसार पूरा किया जा सकता है रेंट एग्रीमेंट से सम्बन्धित शर्ते व नियम लिखित होने चाहिये.

  1. अगर आप किरायानामा या रेंट एग्रीमेंट नोटरी से बनवाना चाहते है तो हमेशा 100 रूपए के स्टांप पेपर पर ही बनवाए कई लोग 50 रूपए के स्टाम्प पेपर पर ही रेंट एग्रीमेंट बनवा देते है जो की गलत है क्योकि स्टाम्प पेपर एक्ट के अनुसार कोई भी जनरल अग्रीमेंट 100 रूपए के स्टाम्प पेपर पर ही मान्य है
  2. किरायानामा या रेंट एग्रीमेंट किस दिन और किस तारीख को बनाया जा रहा है तथा प्रॉपर्टी कितने समय के लिए रेंट पर दी जा रही है उसे भी लिखना बहुत जरुरी है
  3. स्टांप पेपर पर मकान मालिक और किराएदार दोनों के हस्ताक्षर अनके आधार कार्ड के साथ होने जरूरी है
  4. कोई भी किरायानामा या रेंट एग्रीमेंट बिना गवाहों के पूरा नही माना जाता इसके लिए दो गवाह भी होने जरूरी है
  5. किरायानामा या रेंट एग्रीमेंट में किराएदार और मकान मालिक दोनों का नाम और पता साफ-साफ लिखा होना चाहिये इसमें किराएदार का पुराना पता (जहा वह पहले रहता हो) या उसके पास जो आधार कार्ड हो उस पर लिखा हुआ पता होना जरूरी है तथा जो जगह किराए पर दी जा रही है उसका भी पूरा पता साफ लिखा होना चाहिये
  6. मकान का किराया देने की समय अवधि और तारीख भी लिखी होनी चाहिए अगर रेंट देने में किसी प्रकार की देरी हो तो उसके लिए भी कितनी पेनल्टी होगी वो भी किनते समय की देरी के लिए ये लिखा होना  चाहिये
  7. किरायानामा या रेंट एग्रीमेंट में मकान मालिक को किराया किरायेदार द्वारा दिये जाने वाली सिक्योरिटी मनी का भी उल्लेख होना चाहिए
  8. अगर मकान मालिक किसी प्रकार की सुविधा किराएदार को प्रदान करता या क्या-क्या सुविधाएं मकान में प्रदान की जा रही है जैसे कि पंखा गीजर लाइट फिटिंग इत्यादि रिपेयरिंग उसका भी उल्लेख रेंट एग्रीमेंट में होना चाहिए तथा उन सुविधाओं के अभाव में क्या निवारण हो वो भी लिखा हो जैसे की बिलजी, पानी की मोटर का रख रखाव व समय पर वाइट वाश होना व सुरक्षा सम्बन्धित कारण इत्यादी
  9. किराएदार घर छोड़े या मकान मालिक उससे अपना घर छोड़ने को कहे इसके लिए एक महीने का लीगल नोटिस दिया जाना जरूरी है किराएदार या मकान मालिक एक महिना या इससे से ज्यादा का जो भी सुविधाजनक हो उसका उल्लेख रेंट अग्रीमेंट में होना जरूरी है
  10. समय के अनुसार किराया बढ़ोतरी का उल्लेख भी इसमें होना चाहिए जैसे की ज्यादातर लोग हर साल 10 % रेंट बड़ा देते है इस प्रकार की अगर कोई शर्त है तो उसका उल्लेख इस अग्रीमेंट में होना चाहिये
  11. किरायानामा या रेंट एग्रीमेंट को आगे बड़ाने के लिए पहले कितने दिन का नोटिस दिया जाये जोकि ज्यादातर एक महीने का होता है उसका उल्लेख किया होना भी जरूरी है

जरूरी बाते जो की रेंट अग्रीमेंट से पहले जरूरी है :-

1.पक्षकारों की सक्षमता :- किरायानामा या रेंट एग्रीमेंट जिन दो लोगो के बिच हो रहा हो वो दोनों शारीरिक व मानसिक रूप से इस अग्रीमेंट को करने के लिए सक्षम हो तथा दोनों 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके हो और किसी भी प्रकार के दबाव में नही हो

2.अग्रीमेंट की समय सीमा व उसका रजिस्टर्ड होना :- अगर आप अपना अग्रीमेंट नोटरी करवा रहे है तो उसे 11 का ही बनवाए क्योकि कानून की नजर में ये अग्रीमेंट अन रजिस्टर्ड  होगा  और 11 महीने का अग्रीमेंट अन रजिस्टर्ड चल सकता है

3.प्रॉपर्टी पर केस या स्टे  :- मकान लेने से पहले देख ले की उस पर किसी भी प्रकार का कोई कोर्ट केस या स्टे तो नही है  कहि ऐसा न हो जाये की आप ऐसी प्रॉपर्टी ले के फस जाये

जरूरी बाते जो की रेंट अग्रीमेंट के बाद जरूरी है :-

1.पुलिस वेरिफिकेशन :- मकान रेंट देने के बाद मकान मालिक अपने किरायेदार की पुलिस वेरिफिकेशन करवा ले, जो की कानूनन जरूरी है अन्यथा उसे कानून को जुरमाना देना पड़ सकता है इसका provision crpc 144 में है

2.मकान का रखरखाव :– आप जो प्रॉपर्टी किराये पर किरायेदार को दे रहे है उसे समय-समय पर चेक करते रहे की रखरखाव व देखभाल सही प्रकार से की जा रही है या नही

3.किरायानामा या रेंट एग्रीमेंट को पक्का रजिस्टर्ड कैसे करवाए :- पक्का किरायानामा या रेंट एग्रीमेंट बनवाने के लिए सबसे पहले आपको एक लिखित किरायानामा या रेंट एग्रीमेंट तयार करना होगा जिसमे की दोनों पक्षों की फोटो व आधार कार्ड की फोटोकॉपी व दो गवाह उनके आधार कार्ड सहित शामिल हो तथा टोटल रेंट का (जितने भी महीने के लिए अग्रीमेंट हो) उसका अपने राज्य के अनुसार,  फीस उसके साथ शामिल करनी होगी तथा दो गवाहों की गवाही के साथ आपके छेत्र के रजिस्ट्रार ऑफिस में आपका रेंट एग्रीमेंट रजिस्टर्ड हो जायेगा

अन्य जरूरी बाते :-

मिलेगी टैक्‍स में  छूट :-  अगर आप इनकम टैक्‍स रिटर्न फाइल करते है तो अपना किरायानामा या रेंट एग्रीमेंट दिखाकर टैक्‍स में छूट हासिल कर सकते हैं। जो लोग बिना एग्रीमेंट के किराए पर रह रहे हैं, उनको यह छूट नहीं मिल सकती है  आप चाहे तो अपने पैरेंट्स के घर में अपने को किरायेदार दिखा कर ये टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं। बशर्ते आपके पैरेंट्स को मिलने वाला किराया इनकम के तौर पर उनकी इनकम टैक्‍स रिटर्न में शामिल हो।

गैस कनेक्‍शन कैसे लें :- गैस कनेक्‍शन के लिए आप अपने किरायानामा या रेंट एग्रीमेंट की कॉपी लगा कर गैस कनेक्‍शन ले सकते है इसके अलावा जहां भी रेजीडेंस डॉक्‍यूमेंट की जरूरत पड़े। वहां आप अपना रेंट एग्रीमेंट लगा सकते हैं। इससे आपके काम आसानी से हो जाएंगे। इसके अलावा पासपोर्ट बनवाने पर भी रेंट एग्रीमेंट को आप बतौर रेजीडेंस प्रूफ दिखा सकते हैं