जम्मू और कश्मीर को खास अधिकार देने वाला आर्टिकल 370 अब ख़त्म - Article 370 latest update in Hindi 2019

जम्मू और कश्मीर को खास अधिकार देने वाला आर्टिकल 370 अब ख़त्म - इस बड़े ऐलान से पहले जम्‍मू-कश्‍मीर की सड़कों पर पूरी तरह से सन्नाटा पसरा हुआ है. धारा 144 लागू कर दी गई है और इंटरनेट मोबाइल सेवाएं बंद कर दी गई हैं. कुछ अधिकारियों को सैटेलाइट फोन दिए गए हैं ताकि केंद्र सरकार को सूचना मिलती रहे

जम्मू और कश्मीर को खास अधिकार देने वाला आर्टिकल 370 अब ख़त्म - Article 370 latest update in Hindi 2019

राष्ट्रपति के आदेश से अब अनुच्छेद 370 को हटा लिया गया है इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर का दो राज्यों में बंटवारा भी किया गया है। इस फैसले से जम्मू-कश्मीर के भूगोल के साथ ही सियासत भी बदल गई है।

अनुच्छेद 370 ख़त्म होने से जम्मू-कश्मीर में क्या बदल गया?

1.कोई भी खरीद सकेगा संपत्तिः अब देश का कोई भी नागरिक जम्मू-कश्मीर में संपत्ति खरीद पाएगा। 

2.अब अलग झंडा नहीं: जम्मू-कश्मीर का अपना अलग झंडा भी था। वहां सरकारी दफ्तरों में भारत के झंडे के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर का झंडा भी लगा रहता था। अब जम्मू-कश्मीर में अलग झंडा नहीं रहेगा। यानी राष्ट्रध्वज तिरंगा रहेगा। और इसका अपमान करने पर सजा भी होगी।

3.कश्मीर का अलग से कोई संविधान नहीं: अनुच्छेद 370 के हटाने के बाद जम्मू-कश्मीर में भारतीय संविधान पूरी तरह से लागू होगा। इस फैसले के बाद जम्मू-कश्मीर का अपना अलग से कोई संविधान नहीं होगा। पहले कश्मीर का अपना संविधान था जो कि कश्मीर में 17 नवंबर 1956 को लागू किया था।

4.RTI कानून कश्मीर में भी चलेगाः जम्मू-कश्मीर में आरटीआई और सीएजी जैसे कानून भी लागू होंगे। 

5.सबको मिलेगी नौकरी: अब तक सिर्फ़ 'Permanent Citizens' को ही State government की नौकरियां मिलती थीं लेकिन अब कोई भी नौकरी कर सकेगा।

6.अल्पसंख्यकों को आरक्षण: राज्य में अल्पसंख्यकों को आरक्षण नहीं मिलता था, अब अल्पसंख्यकों को आरक्षण मिलेगा

7.राज्यपाल का पद खत्म: राज्यपाल का पद खत्म हो गया है और इसके साथ ही राज्य की पुलिस केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में रहेगी। 

8.लागू होगा आर्टिकल 356: जम्मू-कश्मीर राज्य पर संविधान का आर्टिकल 356 लागू नहीं होता था। इस कारण राष्ट्रपति के पास राज्य सरकार को बर्खास्त करने का अधिकार नहीं था। यानी, वहां राष्ट्रपति शासन नहीं, बल्कि राज्यपाल शासन लगता था। लेकिन चूंकि जम्मू-कश्मीर अब केंद्र शासित (Union Territory) राज्य होगा, तो अब वहां आर्टिकल 356 भी लागु होगा

9.दोहरी नागरिकता खत्म: जम्मू-कश्मीर में अब दोहरी नागरिकता नहीं होगी। आर्टिकल 370 के कारण जम्मू-कश्मीर में रहने वालो के पास दोहरी नागरिकता होती थी लेकिन अब वह सिर्फ भारत के नागरिक होंगे।

10.केंद्र शासित होगी जम्मू-कश्मीर की विधानसभाः कश्मीर विधानसभा वाला केंद्र शासित प्रदेश होगा। विधानसभा का कार्यकाल 6 साल की जगह 5 साल होगा। 

11.लद्दाख चंडीगढ़ जैसा केंद्र शासित प्रदेशः अभी तक जम्मू कश्मीर का हिस्सा रहे लद्दाख को अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाया जाएगा। यहां जम्मू-कश्मीर की तरह विधानसभा नहीं होगी। इसका प्रशासन Administration चंडीगढ़ की तरह चलाया जाएगा। 

12.जम्मू-कश्मीर में लागू होगा हर कानूनः आर्टिकल 370 के कारण देश की संसद को जम्मू-कश्मीर के लिए रक्षा, विदेश मामले और संचार के सिवा अन्य किसी विषय में कानून बनाने का अधिकार नहीं था। साथ ही, जम्मू-कश्मीर को अपना अलग संविधान बनाने की अनुमति दी गई थी। लेकिन अब वहां देश के सभी कानून लागु होंगे

आर्टिकल 370 हटाने का संकल्प, सिर्फ खंड एक लागू रहेगा (खंड 1 के तहत केंद्र, राज्य सरकार की सहमति से संविधान की व्यवस्थाएं जम्मू-कश्मीर में लागू करता है)

जम्मू-कश्मीर की संविधान सभा की अनुमति जरूरी: संविधान के अनुच्छेद 370 (3) के मुताबिक, 370 को बदलने के लिए जम्मू-कश्मीर की संविधान सभा की अनुमति जरूरी है। पेंच यह है कि जम्मू-कश्मीर की संविधान सभा (Constituent Assembly) को साल 1956 में भंग कर दिया गया था और इसके ज्यादातर सदस्य भी अब जीवित नही हैं। इसके अलावा संविधान सभा के भंग होने से पहले सेक्शन 370 के बारे में स्थिति भी स्पष्ट नहीं की गई थी कि यह स्थायी होगा या इसे बाद में समाप्त किया जा सकेगा। ऐसे में केंद्र सरकार के प्रस्ताव को असंवैधानिक होने के दावे के साथ को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दिए जाने की आशंका है।